भिट्ठा में जागरूकता की गूंज! स्कूली बच्चों का बाल विवाह विरोधी अभियान, अपराध रोकथाम कानूनों पर विशेष क्लास.
Sitamarhi: सुरसंड/भिट्ठा। भिट्ठा थाना क्षेत्र के राजकीय मध्य विद्यालय श्रीखंडी भिट्ठा में बुधवार को एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें छात्र–छात्राओं को बाल विवाह, महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध, तथा साइबर क्राइम से जुड़े कानूनों की विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। कार्यक्रम में बच्चों ने न सिर्फ सवाल पूछे बल्कि गंभीर विषयों को लेकर जागरूक होने का भी संकल्प लिया।

कार्यक्रम में मौजूद पुलिस पदाधिकारियों ने बताया कि बाल विवाह केवल एक सामाजिक बुराई ही नहीं, बल्कि एक गंभीर कानूनी अपराध है। उन्होंने कानून की धाराओं और उनसे जुड़े दंड का उल्लेख करते हुए छात्रों को यह समझाया कि समय से पहले होने वाला विवाह एक बच्चे के भविष्य, शिक्षा, स्वास्थ्य और जीवन को बुरी तरह प्रभावित करता है।
विद्यालय में उपस्थित अधिकारियों ने बच्चों को POCSO Act के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि बच्चों के साथ किसी भी प्रकार का यौन शोषण, छेड़खानी या अनैतिक स्पर्श न केवल गलत है, बल्कि इसके लिए कड़े कानूनी प्रावधान भी तय किए गए हैं। बच्चों को यह भी बताया गया कि यदि उनके साथ या किसी परिचित के साथ ऐसी कोई घटना होती है तो तुरंत इसकी शिकायत करना आवश्यक है।

तेजी से डिजिटल होती दुनिया में साइबर अपराध बड़ी चुनौती बन चुका है। छात्रों को गलत वेबसाइट, अनजान लिंक, फ़ोटो/वीडियो शेयरिंग, OTP फ्रॉड, सोशल मीडिया ब्लैकमेलिंग जैसी घटनाओं के बारे में जागरूक किया गया। उन्हें यह भी समझाया गया कि किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि से तुरंत अभिभावक या पुलिस को अवगत कराएँ।
कार्यक्रम के दौरान दहेज निषेध अधिनियम, घरेलू हिंसा अधिनियम, तथा यौन उत्पीड़न से संबंधित कानूनों पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने उदाहरणों के साथ बताया कि महिलाओं पर अत्याचार करने वालों के खिलाफ कानून बहुत कठोर है और समाज में ऐसे अपराधों को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा

जागरूकता कार्यक्रम के दौरान छात्र–छात्राओं में काफ़ी उत्साह देखने को मिला। बच्चों ने कई सवाल पूछे — जैसे “ऑनलाइन फ्रॉड से कैसे बचें?”, “बाल विवाह की सूचना कहाँ दें?”, “यौन उत्पीड़न की स्थिति में क्या करें?” आदि। अधिकारियों ने प्रत्येक सवाल का सरल और व्यावहारिक जवाब दिया। पुलिस पदाधिकारियों ने बच्चों से कहा कि वे किसी भी गलत घटना को छिपाएँ नहीं, बल्कि निडर होकर तुरंत सूचना दें।
उन्होंने यह भी कहा कि एक जागरूक छात्र ही एक जिम्मेदार नागरिक बन सकता है और समाज को सही दिशा दे सकता है। इस कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य था — बाल विवाह रोकथाम, लड़कियों की सुरक्षा, साइबर अपराध की पहचान, कानूनों की समझ और समाज में जागरूकता बढ़ाना।
कार्यक्रम के अंत में अधिकारियों ने छात्रों को यह संकल्प दिलाया कि वे न तो स्वयं बाल विवाह का हिस्सा बनेंगे और न ही अपने आसपास इसे होने देंगे। विद्यालय प्रबंधन ने भिट्ठा थाना एवं पुलिस प्रशासन का आभार जताया और कहा कि इस तरह के कार्यक्रम बच्चों के भविष्य निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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