गगनयान मिशन को बड़ी मजबूती, इसरो ने ड्रॉग पैराशूट का सफल परीक्षण किया…
NATIONAL: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के गगनयान मानव अंतरिक्ष मिशन को लेकर एक और अहम उपलब्धि हासिल हुई है। इसरो ने क्रू मॉड्यूल के ड्रॉग पैराशूट सिस्टम का सफल परीक्षण कर लिया है, जिसे मिशन की सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इसरो के मुताबिक, ड्रॉग पैराशूट का उपयोग अंतरिक्ष से लौटते समय क्रू मॉड्यूल की गति को नियंत्रित करने और उसे स्थिर करने के लिए किया जाता है। यह पैराशूट मुख्य पैराशूट खुलने से पहले काम करता है और मॉड्यूल की तेज रफ्तार को कम कर सुरक्षित लैंडिंग की तैयारी करता है।
क्या है ड्रॉग पैराशूट?
ड्रॉग पैराशूट एक छोटा लेकिन बेहद मजबूत पैराशूट होता है, जो अंतरिक्ष यान के वायुमंडल में प्रवेश के दौरान सबसे पहले खुलता है। इसका काम यान की दिशा और गति को संतुलित करना होता है, ताकि बाद में मुख्य पैराशूट सही तरीके से खुल सके।

कैसे करेगा काम?
जैसे ही क्रू मॉड्यूल पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करेगा, सबसे पहले ड्रॉग पैराशूट सक्रिय होगा। यह मॉड्यूल की रफ्तार कम करेगा और उसे स्थिर करेगा। इसके बाद मुख्य पैराशूट खुलेगा, जो क्रू मॉड्यूल को धीरे-धीरे धरती की ओर सुरक्षित उतारेगा।
गगनयान मिशन के लिए क्यों अहम?
गगनयान भारत का पहला मानव अंतरिक्ष मिशन है, जिसमें अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। ड्रॉग पैराशूट का सफल परीक्षण यह साबित करता है कि इसरो की रिकवरी और सेफ्टी तकनीकें पूरी तरह विश्वसनीय हैं।
इस उपलब्धि के साथ ही गगनयान मिशन की तैयारियां एक और कदम आगे बढ़ गई हैं। आने वाले समय में इसरो अन्य महत्वपूर्ण परीक्षण भी करेगा, जिससे भारत का मानव अंतरिक्ष उड़ान का सपना साकार हो सकेगा।

