बंगाल में मुख्य निर्वाचन अधिकारी के दफ्तर के बाहर बीएलओ का प्रदर्शन, SIR में बढ़ते काम के बोझ पर जताई नाराज़गी

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Desk: कोलकाता में  (24 नवंबर, 2025)की रात उस समय नाटकीय घटनाक्रम हुआ जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) कार्यकर्ताओं के एक समूह का पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के सामने बूथ स्तरीय अधिकारियों (BLO) के एक फोरम के प्रदर्शनकारी सदस्यों से आमना-सामना हो गया. इस दौरान पुलिस ने बीच-बचाव किया.

मंगलवार को एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ‘बीएलओ अधिकार रक्षा समिति’ के कई सदस्य सोमवार को दोपहर से ही मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे थे और उनका आरोप था कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान उन पर काम का अत्यधिक बोझ है.

मामला तब बिगड़ गया जब कोलकाता नगर निगम (KMC) पार्षद सजल घोष के नेतृत्व में लगभग 50 बीजेपी कार्यकर्ता रात 11 बजे मौके पर पहुंचे और सीईओ कार्यालय में बंद चुनाव आयोग के अधिकारियों को डराकर एसआईआर प्रक्रिया को रोकने के तृणमूल कांग्रेस के कथित प्रयास के खिलाफ नारे लगाने लगे.

स्थिति तब बिगड़ गई जब प्रदर्शनकारी बीएलओ ने जवाबी नारे लगाए और बीजेपी पर पश्चिम बंगाल में वास्तविक मतदाताओं के नाम हटाने के लिए निर्वाचन आयोग के साथ मिलीभगत से काम करने का आरोप लगाया. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा कार्यकर्ता शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे बीएलओ को आतंकित करने और भड़काने की कोशिश कर रहे थे, जो केवल सीईओ से मिलना चाहते थे.

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