“सीतामढ़ी में 11 दिसंबर को महकेगी उर्दू अदब की शाम, शहर गूंजेगा अशआर और फनकारी की रौनक से”

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रिपोर्ट: नसीम अहमद,

सीतामढ़ी। जिले के स्थापना दिवस के अवसर पर इस साल सीतामढ़ी में उर्दू अदब की एक शानदार महफ़िल सजने जा रही है। डुमरा हवाई अड्डा मैदान में 11 दिसम्बर 2025 को आयोजित होने वाले फरोग-ए-उर्दू सेमिनार, मुशायरा सह वर्कशॉप में उर्दू भाषा की खूबसूरती, उसकी तहज़ीबी विरासत और साहित्यिक महक से लोगों को रुबरू कराया जाएगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता डीएम रिची पाण्डेय करेंगी।

जिला उर्दू भाषा कोषांग के प्रभारी पदाधिकारी शफी अहमद ने बताया कि सेमिनार में उर्दू की लिपि, उसके इतिहास, समकालीन साहित्य और समाज में उसकी बढ़ती उपयोगिता पर विस्तृत चर्चा होगी। उन्होंने कहा कि यह आयोजन उर्दू भाषा और कला को नई ऊर्जा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे नई पीढ़ी को उर्दू अदब को समझने और आगे बढ़ाने का अवसर मिलेगा

कार्यक्रम की शुरुआत जिला पदाधिकारी द्वारा दीप प्रज्वलित कर की जाएगी। इसके बाद कमला बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, डुमरा की छात्राएँ स्वागत गान प्रस्तुत करेंगी। कार्यक्रम में उर्दू विषय पर विचार रखने वालों में तारिक अनवर, एमडी अजहरुद्दीन दिलकश, आसिया रिजवी, आफीया रिजवी और नाइमा खातून शामिल होंगी।

इसके बाद उर्दू साहित्य और जुबान की नज़ाकत पर देश–प्रदेश के कई चर्चित विद्वान अपने विचार रखेंगे, जिनमें प्रमुख हैं — डॉ. कमरान ग़नी, डॉ. नसीम अहमद नसीम, प्रो. मसूद आलम उर्फ़ गौहर सिद्दीकी, डॉ. एमडी सनाउल्लाह और एमडी इकरामुल हक। इन विद्वानों के व्याख्यान में उर्दू साहित्य की परंपरा, वर्तमान चुनौतियाँ और नई पीढ़ी की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला जाएगा।

दोपहर 1 बजे से मुशायरा/कवि सम्मेलन की शुरुआत होगी, जिसमें देश के मशहूर शायर एम.आर. चिश्ती, जफ़र हबीबी, डॉ. आरती कुमारी, जमील अख्तर शफ़ीक़, भारती रंजन कुमारी, पंकज करण, चांदनी समर, हेमा सिंह, फरहत साबरी और तालिब हुसैन आज़ाद अपने अशआरों से महफ़िल को रौशन करेंगे। इन शायरों की मौजूदगी से कार्यक्रम में अदबी रौनक अपने चरम पर रहेगी।

प्रो:गौहर सिद्दीकी

पूरा कार्यक्रम प्रोफेसर मसूद आलम उर्फ़ गौहर सिद्दीकी के संचालन में सम्पन्न होगा, जिनकी अदबी पकड़ और मंच संचालन की क्षमता इस मुशायरे में अलग ही चमक भरेगी। आयोजकों के अनुसार यह आयोजन न केवल उर्दू भाषा प्रेमियों के लिए एक उत्सव जैसा है, बल्कि जिले में उर्दू साहित्य को नई उड़ान देने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। नवोदित शायरों और छात्रों के लिए यह वर्कशॉप सीखने का बेहतरीन मंच साबित होगा।

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