डायट डुमरा में राष्ट्रीय सेमिनार, डीएम रिची पांडेय बोले – नैतिक विवेक के साथ एआई का उपयोग जरूरी
सीतामढ़ी। डुमरा स्थित जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में शुक्रवार को “नैतिक विवेक की शक्ति के साथ कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का उपयोग” विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा और समाज में एआई की भूमिका तथा इसके जिम्मेदार उपयोग पर विस्तृत चर्चा की गई।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई। उद्घाटन सत्र में महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय वर्धा के डॉ. गोपाल कृष्ण ठाकुर, केंद्रीय विश्वविद्यालय लखनऊ की डॉ. किरणलता गांधवाल, महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय मोतिहारी की डॉ. रश्मि श्रीवास्तव, अनुमंडल कृषि पदाधिकारी नगमा शादाब और डायट की प्राचार्या कुमारी अर्चना सहित अन्य शिक्षाविद मौजूद रहे।
मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित जिलाधिकारी रिची पांडेय ने कहा कि आज के दौर में कृत्रिम बुद्धिमत्ता तेजी से शिक्षा, प्रशासन और समाज के विभिन्न क्षेत्रों को प्रभावित कर रही है। ऐसे में इसका उपयोग नैतिक मूल्यों और मानवीय संवेदनाओं के साथ किया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि विवेक और जिम्मेदारी के साथ तकनीक का इस्तेमाल समाज के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

डीएम ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में एआई का उपयोग शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और रोचक बना सकता है। उन्होंने शिक्षकों और प्रशिक्षुओं को नई तकनीकों को सीखने और सकारात्मक रूप से अपनाने के लिए प्रेरित किया।
सेमिनार में विभिन्न विश्वविद्यालयों से आए विशेषज्ञों ने एआई के बढ़ते प्रभाव, शिक्षा में इसके उपयोग और नैतिकता के महत्व पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम में संस्थान के व्याख्याताओं, प्रशिक्षुओं और शिक्षकों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई।

