रोटी की तलाश में गए थे परदेस, मौत बनकर लौटी खबर: छह परिवारों का उजड़ा सहारा
Bihar: “कमाने गए थे… क्या पता था लौटकर नहीं आएंगे।” ये शब्द गया जिले के डुमरिया प्रखंड के गोटीबांध गांव में हर किसी की जुबान पर हैं। छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार स्थित एक निजी स्टील प्लांट में हुए भीषण विस्फोट ने गांव के छह घरों के चिराग बुझा दिए। गुरुवार सुबह हुए इस हादसे ने पूरे गांव को गहरे शोक में डुबो दिया है।
जानकारी के अनुसार, स्टील प्लांट के कोयला भट्ठे के पास अचानक गैस रिसाव के बाद जोरदार विस्फोट हुआ। आग की चपेट में आकर छह मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांच अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतकों में श्रवण कुमार, राजदेव कुमार, जितेंद्र, बदरी भुइयां, विनय भुइयां और सुंदर भुइयां शामिल हैं। सभी गोटीबांध गांव के निवासी थे और रोजी-रोटी की तलाश में बाहर गए थे।
इस हादसे ने कई परिवारों को पूरी तरह तोड़ दिया। किसी के सिर से पिता का साया उठा तो किसी की गोद उजड़ गई। एक पिता-पुत्र की एक साथ मौत ने गांव को झकझोर कर रख दिया। जिन घरों से कुछ दिन पहले हंसते हुए मजदूर निकले थे, वहां अब सिर्फ रोने-बिलखने की आवाजें हैं।
मजदूरों के परिजनों ने ठेकेदार पर धोखा देने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि हल्के काम का झांसा देकर उन्हें खतरनाक प्लांट में काम करने को मजबूर किया गया।

इधर, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हादसे पर शोक जताते हुए मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है। गांव आज भी सदमे में है और हर आंख नम है।
