बर्थ सर्टिफिकेट को लेकर 27 अप्रैल 2026 की डेडलाइन का दावा फर्जी, सरकार ने नहीं जारी किया कोई आदेश

Virol Post: सोशल मीडिया और व्हाट्सऐप पर इन दिनों एक दावा तेजी से वायरल हो रहा है कि भारत सरकार ने बर्थ सर्टिफिकेट बनवाने या उसमें बदलाव करने के लिए 27 अप्रैल 2026 तक की अंतिम तारीख तय कर दी है। वायरल पोस्ट में यह भी कहा जा रहा है कि इसके बाद कोई नया सर्टिफिकेट बनवाना या सुधार करना संभव नहीं होगा।
क्या है सच?
फैक्ट-चेक वेबसाइट Alt News ने इस वायरल दावे की जांच की और स्पष्ट किया कि सरकार की ओर से ऐसी कोई राष्ट्रीय डेडलाइन घोषित नहीं की गई है। जन्म प्रमाण-पत्र बनवाने या उसमें सुधार करने की प्रक्रिया लगातार जारी है और किसी एक तय तारीख के बाद इसे बंद करने का कोई नियम नहीं है।
सरकारी फैक्ट-चेक एजेंसियों के अनुसार, सोशल मीडिया पर फैल रही यह खबर गलत और भ्रामक है। नागरिकों से अनुरोध किया गया है कि वे केवल आधिकारिक सरकारी पोर्टल और नोटिफिकेशन पर भरोसा करें।
जन्म प्रमाण-पत्र के बारे में जानकारी
भारत में जन्म पंजीकरण Registration of Births and Deaths Act, 1969 के तहत किया जाता है।इसके लिए आवेदन ऑनलाइन या स्थानीय नगर निगम/प्रशासनिक कार्यालय में किया जा सकता है।
किसी तय तारीख के बाद आवेदन करने की कोई रोक नहीं है।
सुधार या संशोधन की प्रक्रिया भी जारी रहती है।
वायरल मैसेज में बताई गई 27 अप्रैल 2026 की डेडलाइन पूरी तरह फर्जी है।
निष्कर्ष
दावा: बर्थ सर्टिफिकेट बनवाने या सुधार करने की अंतिम तारीख 27 अप्रैल 2026 है
सच्चाई: ❌ पूरी तरह फर्जी।
लोगों को सलाह दी जाती है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही जानकारी को बिना पुष्टि के आगे न फैलाएं और केवल सरकारी नोटिफिकेशन पर भरोसा करें।
Writer: 𝑀𝑑 𝑃𝑎𝑟𝑣𝑒𝑧
