मुंबई एयरपोर्ट पर सीबीआई की बड़ी कार्रवाई, तीन अंतरराष्ट्रीय अपराधी हिरासत में लेकर मलेशिया भेजे गए
मुंबई। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने इंटरपोल और भारतीय आव्रजन एजेंसियों के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से तीन वांछित अंतरराष्ट्रीय अपराधियों को हिरासत में लिया। तीनों आरोपी मलेशिया में संगठित अपराध से जुड़े गंभीर मामलों में वांछित थे और उनके खिलाफ इंटरपोल का रेड नोटिस जारी था। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपियों को सुरक्षित रूप से मलेशिया प्रत्यर्पित कर दिया गया।
सीबीआई के अनुसार, आरोपी यूनाइटेड किंगडम से भारत पहुंचे थे। मुंबई एयरपोर्ट पर आव्रजन जांच के दौरान उनकी पहचान सामने आने के बाद उन्हें भारत में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई। इसके पश्चात इंटरपोल की मलेशियाई इकाई (एनसीबी कुआलालंपुर) ने एनसीबी नई दिल्ली से संपर्क किया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए रॉयल मलेशिया पुलिस की एक एस्कॉर्ट टीम 25 जनवरी 2026 को मुंबई पहुंची। सीबीआई, आव्रजन विभाग और अन्य भारतीय एजेंसियों के आपसी समन्वय से 27 जनवरी 2026 को तीनों आरोपियों को मलेशिया भेज दिया गया।
निर्वासित अपराधियों की पहचान श्रीधरन सुब्रमण्यम, प्रतीफ कुमार सेल्वराज (उर्फ प्रतीफकुमार सेल्वराज) और नविनद्रेन राज कुमारसन के रूप में हुई है। मलेशिया में इन तीनों के खिलाफ लंबे समय से संगठित अपराध से जुड़े गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। कानून से बचने के लिए ये आरोपी अलग-अलग देशों में फरारी काट रहे थे।
मलेशियाई पुलिस के अनुसार, आरोपी एक संगठित आपराधिक गिरोह से जुड़े हुए थे और अवैध गतिविधियों के जरिए आर्थिक लाभ अर्जित करने के साथ-साथ आपराधिक प्रभाव बढ़ाने की साजिश रच रहे थे। कुछ रिपोर्टों में इनके संबंध कुख्यात ‘गैंग कैप्टन प्रभा’ नेटवर्क से भी बताए गए हैं।

सीबीआई ने इस कार्रवाई को भारत और मलेशिया के बीच मजबूत पुलिस सहयोग का उदाहरण बताते हुए कहा कि इंटरपोल रेड नोटिस सीमा पार अपराध से निपटने में एक प्रभावी हथियार साबित हो रहा है। यह ऑपरेशन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कानून प्रवर्तन एजेंसियों के सफल समन्वय का प्रतीक है।
