दरगहिया टोल आज भी विकास से अछूता, मूलभूत सुविधाओं के लिए जूझ रही जनता.

0


सीतामढ़ी। जिले के सुरसंड प्रखंड अंतर्गत राधाउर पंचायत का दरगहिया टोल आज भी विकास की मुख्यधारा से कोसों दूर है। सौ से अधिक परिवारों वाले इस टोले में करीब पांच हजार की आबादी निवास करती है, लेकिन हालात ऐसे हैं कि यहां के लोगों को आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों के अनुसार दरगहिया टोल से करीब तीन किलोमीटर दूर सरकारी विद्यालय है। दूरी अधिक होने और आवागमन के साधन नहीं होने के कारण अधिकांश बच्चे नियमित रूप से स्कूल नहीं जा पाते। वार्ड संख्या 11 के लोग आज भी पगडंडी के सहारे आने-जाने को मजबूर हैं। सड़क की हालत इतनी बदतर है कि पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। सड़क पूरी तरह ध्वस्त है और बाढ़ का पानी अभी तक कई हिस्सों में जमा है, जबकि बारिश को बीते कई महीने हो चुके हैं। जलजमाव के कारण ग्रामीणों का घर से निकलना तक मुश्किल हो जाता है।


ग्रामीणों ने बताया कि पंचायत के मुखिया रवि शंकर द्वारा सुरेंद्र ठाकुर के घर से रविंदर चौधरी के घर तक पीसीसी सड़क का निर्माण कराया गया है, लेकिन यह काम नाकाफी है। पूरे टोले को जोड़ने वाली सड़क और पुल अब भी अधूरे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव के समय छोटे-बड़े नेता वोट मांगने जरूर पहुंचते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होते ही कोई भी वापस मुड़कर नहीं देखता। नतीजतन ग्रामीण बदहाली झेलने को मजबूर हैं।

मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 2017 में ही मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत दरगहिया टोल में सड़क और पुल निर्माण के लिए टेंडर हो चुका था, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही के कारण अब तक काम शुरू नहीं हो सका है। सरकारी योजनाओं से वंचित ग्रामीण ग्रामीण रुदल राम ने बताया कि टोले के अधिकांश लोग गरीब हैं, लेकिन आज तक उन्हें किसी भी सरकारी योजना का लाभ नहीं मिला।

सरकार की महत्वाकांक्षी नल-जल योजना का गांव में नामोनिशान तक नहीं है। वर्ष 2019 में बिजली जरूर पहुंची, लेकिन बिजली की कटौती आम बात है। ग्रामीणों का कहना है कि जब गांव में सड़क और पुल ही नहीं है तो अन्य सुविधाओं का क्या लाभ। अधूरा पुल बना मुसीबत ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2002 में तत्कालीन मुखिया द्वारा पंचायती योजना से पुल निर्माण कार्य शुरू कराया गया था, लेकिन आज तक पुल अधूरा है।

पुल नहीं बनने से जलजमाव की स्थिति बनी रहती है और सड़क भी जर्जर होती चली गई है। ग्रामीण शुभम कुमार ने बताया कि सड़क नहीं होने के कारण पैदल चलना भी मुहाल हो गया है। मजबूरी में ग्रामीणों ने आपस में चंदा लगाकर अधूरे पुल पर चचरी डालकर किसी तरह आवागमन की व्यवस्था की है।

प्रशासन का दावा इस संबंध में ग्रामीण कार्य विभाग के एसडीओ ने बताया कि सड़क और पुल के टेंडर का रिवाइज विभाग के मुख्य अभियंता के पास भेजा गया है। वहां से स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
फिलहाल दरगहिया टोल के लोग विकास के इंतजार में हैं और उम्मीद लगाए बैठे हैं कि वर्षों से चली आ रही उनकी यह पीड़ा अब समाप्त होगी।

रिपोर्ट: नसीम अहमद,

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed