विदेशी कमाई से देश की कमाई: GDP में प्रवासी भारतीयों की बड़ी हिस्सेदारी
National: भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में विदेशों में रहने वाले प्रवासी भारतीय (NRI) भी अहम भूमिका निभाते हैं। दुनिया के अलग-अलग देशों में काम कर रहे NRI अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा परिवार और निवेश के लिए भारत भेजते हैं। इससे न सिर्फ लोगों का जीवन स्तर सुधरता है, बल्कि देश का विदेशी मुद्रा भंडार भी मजबूत होता है।

2025 में टूटा रेमिटेंस का रिकॉर्ड
RBI के मुताबिक वित्त वर्ष 2025 में NRI ने भारत को 135 बिलियन डॉलर (करीब 11 लाख करोड़ रुपये) भेजे, जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। वित्त वर्ष 2024 में यह रकम 118.7 बिलियन डॉलर थी, यानी एक साल में करीब 14% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
प्रवासी भारतीयों ने कितने पैसे भारत भेजे?
(आंकड़े बिलियन डॉलर में)

GDP में कितना योगदान?
विशेषज्ञों के अनुसार NRI से आने वाला पैसा भारत की GDP में करीब 3% तक योगदान देता है। यह रकम घरेलू खर्च, रियल एस्टेट, शिक्षा, स्वास्थ्य, बचत और निवेश में इस्तेमाल होती है, जिससे बाजार में मांग बढ़ती है और अर्थव्यवस्था को रफ्तार मिलती है।
फॉरेक्स रिज़र्व को भी मजबूती
डॉलर के रूप में आने वाली रेमिटेंस से भारत का विदेशी मुद्रा भंडार मजबूत होता है और आर्थिक संकट के समय देश को सहारा मिलता है।
निष्कर्ष
NRI भारत की आर्थिक मजबूती की बड़ी ताकत हैं। रिकॉर्ड रेमिटेंस, GDP में योगदान और बढ़ती खपत के साथ भारत दुनिया का सबसे बड़ा रेमिटेंस पाने वाला देश बना हुआ है।
Writer: 𝑀𝑑 𝑃𝑎𝑟𝑣𝑒𝑧
