भारत-US ट्रेड डील पर कांग्रेस का हमला, समझौते के ब्यौरे और घोषणा के तरीके पर उठाए सवाल
नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से अटकी ट्रेड डील पर सहमति बनने के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा इस समझौते की घोषणा किए जाने के बाद अब प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस ने मोदी सरकार पर सवालों की झड़ी लगा दी है। कांग्रेस ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का पूरा विवरण सार्वजनिक करने की मांग की है।
कांग्रेस ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए सबसे पहले इस डील की घोषणा के तरीके पर सवाल उठाए। पार्टी ने कहा कि युद्धविराम की तरह ही इस व्यापार समझौते की जानकारी भी पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ने दी, जो चिंता का विषय है। कांग्रेस ने ट्रंप के उन दावों पर भी सवाल किए, जिनमें कहा गया है कि भारत अमेरिका के खिलाफ टैरिफ और गैर-टैरिफ बाधाओं को ‘शून्य’ तक कम करने की दिशा में कदम उठाएगा।

पार्टी का कहना है कि अगर भारत अपना बाजार पूरी तरह अमेरिका के लिए खोलता है, तो इसका सीधा असर देश के उद्योग, व्यापारियों और खासकर किसानों पर पड़ेगा। कांग्रेस ने यह भी पूछा कि कृषि क्षेत्र को खोलने की स्थिति में किसानों के हितों और सुरक्षा को कैसे सुनिश्चित किया जाएगा।
इसके अलावा कांग्रेस ने रूसी तेल की खरीद को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। ट्रंप के दावों का हवाला देते हुए पार्टी ने पूछा कि क्या भारत वास्तव में रूस से तेल खरीदना बंद कर अमेरिका और वेनेजुएला से तेल लेने पर सहमत हो गया है। कांग्रेस ने ‘मेक इन इंडिया’ पर भी चिंता जताते हुए कहा कि अगर अमेरिका से बड़े पैमाने पर आयात बढ़ता है, तो घरेलू उत्पादन का क्या होगा।
गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर लगाए गए जवाबी टैरिफ को 25 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी करने का एलान किया है। साथ ही दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते पर सहमति की बात कही है। ट्रंप के मुताबिक, भारत ने अमेरिका से ऊर्जा, तकनीक, कृषि और अन्य उत्पादों की बड़े पैमाने पर खरीद को लेकर प्रतिबद्धता जताई है, जिसकी कुल कीमत 500 अरब डॉलर से अधिक बताई जा रही है।

कांग्रेस ने साफ कहा है कि भारत को इस व्यापार समझौते का पूरा विवरण जानने का अधिकार है और मोदी सरकार को संसद व देश को विश्वास में लेकर सभी शर्तें सार्वजनिक करनी चाहिए।
