ईरान में भड़का देशव्यापी विद्रोह, मृतकों की संख्या 538 पहुंची; इंटरनेट-फोन सेवाएं बंद
ईरान में देशव्यापी विरोध प्रदर्शन अब और उग्र हो गए हैं। रविवार को यह प्रदर्शन राजधानी तेहरान के साथ-साथ देश के कई बड़े शहरों में फैल गए। प्रदर्शनकारियों पर की गई कार्रवाई में अब तक कम से कम 538 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि हजारों लोगों को हिरासत में लिया गया है।
अमेरिका स्थित मानवाधिकार संगठन ‘ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी’ के अनुसार, ईरान में जारी प्रदर्शनों के दौरान 10,670 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है। संगठन का कहना है कि वास्तविक आंकड़े इससे कहीं ज्यादा हो सकते हैं, क्योंकि सरकार ने हालात को देखते हुए देशभर में इंटरनेट और फोन सेवाएं बंद कर दी हैं। संचार सेवाएं ठप होने के कारण जमीनी हालात की सही जानकारी जुटाना मुश्किल हो रहा है।
संचार बंद, हालात पर नजर रखना मुश्किल
प्रदर्शनों के बीच इंटरनेट और मोबाइल नेटवर्क बंद किए जाने से न केवल आम नागरिकों को परेशानी हो रही है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए भी स्थिति का आकलन करना कठिन हो गया है। मानवाधिकार संगठनों ने इस कदम को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बताया है।

इजराइल ने जताई प्रतिक्रिया
ईरान में बिगड़ते हालात पर इजराइल ने भी प्रतिक्रिया दी है। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि उनका देश ईरान में हो रहे व्यापक प्रदर्शनों के परिणामों पर करीब से नजर बनाए हुए है। साप्ताहिक कैबिनेट बैठक की शुरुआत में नेतन्याहू ने कहा कि इजराइल के लोग और पूरी दुनिया ईरान के नागरिकों के साहस से प्रभावित हैं।
नेतन्याहू ने नागरिकों की हत्या की निंदा करते हुए उम्मीद जताई कि ईरान के “अत्याचार से मुक्त होने” के बाद दोनों देशों के बीच संबंधों में सुधार हो सकता है। इजराइल के एक अधिकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से ईरान समेत कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर बातचीत भी की है।
