लॉकडाउन की अफवाहें बेबुनियाद, सरकार के पास कोई योजना नहीं: हरदीप पुरी
न्यू दिल्ली: देश में फिर से लॉकडाउन की अफवाहों ने लोगों के बीच चिंता बढ़ा दी है, लेकिन केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इन खबरों को पूरी तरह गलत बताया है। उन्होंने साफ कहा कि केंद्र सरकार के एजेंडे में फिलहाल किसी भी तरह का देशव्यापी लॉकडाउन शामिल नहीं है।
पुरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि लॉकडाउन की अफवाहें “असामयिक और हानिकारक” हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि ऐसे समय में शांत और जिम्मेदार बने रहें तथा अफवाहों पर ध्यान न दें।
मंत्री ने यह भी बताया कि वैश्विक परिस्थितियां इस समय अस्थिर हैं, खासकर ऊर्जा और आपूर्ति श्रृंखला को लेकर। सरकार इन सभी पहलुओं पर लगातार नजर बनाए हुए है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि देश में ईंधन और जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति बाधित न हो।

उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में पिछले एक महीने में तेज़ उछाल आया है—करीब 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 122 डॉलर प्रति बैरल तक। इसके कारण दुनिया भर में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भारी वृद्धि देखी गई है।
पुरी के अनुसार, इस स्थिति में सरकार के सामने दो विकल्प थे—या तो अन्य देशों की तरह घरेलू कीमतें बढ़ा दी जाएं, या फिर सरकारी वित्त पर असर सहते हुए जनता को राहत दी जाए। केंद्र सरकार ने दूसरा विकल्प चुना और आम लोगों को अंतरराष्ट्रीय कीमतों के असर से बचाने की कोशिश की।
सरकार ने इस दौरान पेट्रोल और डीज़ल के निर्यात पर कर लगाया, ताकि देश में इनकी उपलब्धता बनी रहे। साथ ही, केंद्रीय उत्पाद शुल्क में कटौती कर उपभोक्ताओं को राहत दी गई। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के फैसले के तहत पेट्रोल पर 10 रुपये प्रति लीटर तक की कमी की गई, जिससे लोगों को महंगाई से कुछ राहत मिल सके।
हाल ही में सरकार ने पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क 3 रुपये प्रति लीटर और डीज़ल पर शून्य रुपये प्रति लीटर कर दिया है। वहीं डीज़ल के निर्यात पर 21.5 रुपये प्रति लीटर का विंडफॉल टैक्स तय किया गया है।
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और हॉर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से वैश्विक ऊर्जा संकट गहरा गया है, जिससे तेल आपूर्ति पर असर पड़ा है। इसके बावजूद सरकार का कहना है कि देश में आवश्यक वस्तुओं और ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

