तीन पंचायत सचिवों समेत तत्कालीन प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी पर बड़ी कार्रवाई, गबन मामलों में विभागीय जांच शुरू
सीतामढ़ी: सरकारी योजनाओं में वित्तीय अनियमितताओं पर सख्ती दिखाते हुए जिला प्रशासन ने तीन पंचायत सचिवों तथा तत्कालीन प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि विकास योजनाओं की राशि के दुरुपयोग पर शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई जाएगी।
जांच के दौरान ग्राम पंचायत बेतहा के पंचायत सचिव वेद प्रकाश राय पर 15वीं वित्त आयोग मद से पोखर उड़ाही कार्य में अनियमितता और राशि गबन के आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। वहीं ग्राम पंचायत सुतिहारा के पंचायत सचिव हंसलाल कुमार पर छठा राज्य वित्त आयोग अंतर्गत स्वीकृत पोखर घाट निर्माण योजना का क्रियान्वयन नहीं कर राशि गबन करने का मामला सत्य पाया गया।
इसके अलावा ग्राम पंचायत भेरडहिया एवं बथुआरा के पंचायत सचिव मनोज कुमार पर नाला उड़ाही कार्य में सरकारी राशि के दुरुपयोग और गबन की पुष्टि हुई है। तीनों पंचायत सचिवों के विरुद्ध सेवा नियमावली के तहत “प्रपत्र–क” गठित कर विभागीय कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है।
मामले में तत्कालीन प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार झा की संलिप्तता भी जांच में प्रमाणित होने के बाद उनके विरुद्ध भी विभागीय प्रक्रिया शुरू की गई है। संबंधित प्रपत्र विभाग को भेज दिया गया है, जहां विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासनिक स्तर पर लापरवाही को देखते हुए सुरसंड के प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी से अतिरिक्त प्रभार वापस लेते हुए यह जिम्मेदारी चंदन कुमार, प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी डुमरा को सौंप दी गई है, ताकि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।
जिलाधिकारी ने दोहराया कि सरकारी योजनाओं की राशि जनहित के लिए होती है और किसी भी स्तर पर गबन, लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
