नियम आम जनता के लिए ही? ट्रैफिक थानाध्यक्ष की गाड़ी का प्रदूषण प्रमाणपत्र निकला एक्सपायर

सीतामढ़ी। शहर में दिन-रात ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्ती दिखाने वाली यातायात पुलिस खुद सवालों के घेरे में आ गई है। जानकारी के अनुसार सीतामढ़ी यातायात थाना के थानाध्यक्ष की सरकारी गाड़ी (BR30GB1246) का प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) एक्सपायर हो चुका है, लेकिन इसके बावजूद वाहन सड़कों पर धड़ल्ले से दौड़ रहा है।
हैरानी की बात यह है कि जिन पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारी आम नागरिकों के वाहनों का चालान काटना, कागजात जांचना और नियमों का पालन करवाना है, वही अपने वाहन की अनिवार्य प्रदूषण जांच कराना भूल गए। यह स्थिति “कानून सबके लिए बराबर” के सिद्धांत पर सीधा सवाल खड़ा करती है। शहर में आए दिन दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों का चालान प्रदूषण प्रमाणपत्र नहीं होने पर काटा जाता है।

ऐसे में जब खुद यातायात थानाध्यक्ष की गाड़ी नियमों के दायरे से बाहर पाई जाती है, तो आम जनता में नाराजगी और असंतोष स्वाभाविक है। लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या नियम सिर्फ आम लोगों के लिए हैं या जिम्मेदार पदों पर बैठे अधिकारियों पर भी समान रूप से लागू होते हैं?
इस मामले ने पुलिस प्रशासन की कार्यशैली और जवाबदेही पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह है कि इस पर उच्च अधिकारी संज्ञान लेते हैं या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।
रिपोर्ट: नसीम अहमद,
