मध्य पूर्व तनाव का असर: डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट, तेल कीमतों से बढ़ी चिंता
नई दिल्ली। मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर भारतीय रुपये पर भी दिखाई देने लगा है। गुरुवार को विदेशी मुद्रा बाजार में कारोबार के दौरान रुपया डॉलर के मुकाबले काफी कमजोर हुआ और एक समय 92.35 प्रति डॉलर के स्तर तक पहुंच गया।
हालांकि बाद में बाजार में थोड़ी स्थिरता आने और कच्चे तेल की कीमतों में हल्की नरमी के बाद रुपया संभला और दिन के अंत में करीब 92.19 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। यह पिछले कारोबारी दिन की तुलना में लगभग 0.16 प्रतिशत की गिरावट दर्शाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत भी 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गई थी, जिससे तेल आयात करने वाले देशों पर दबाव बढ़ गया है।
विश्लेषकों के मुताबिक अगर कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनी रहती हैं तो इसका असर भारत की महंगाई और आर्थिक विकास दर पर भी पड़ सकता है।

