SIR का असर: देशभर में मतदाता सूची से करोड़ों नाम कटे, यूपी सबसे आगे
नई दिल्ली: चुनाव आयोग द्वारा कराए गए विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) के पहले चरण के बाद देश के कई बड़े राज्यों में मतदाता सूची से लाखों और करोड़ों नाम हटाए गए हैं। यह कार्रवाई फर्जी, डुप्लीकेट, मृत तथा स्थानांतरित मतदाताओं की पहचान कर मतदाता सूची को शुद्ध और अद्यतन बनाने के उद्देश्य से की गई है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक 2.89 करोड़ नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। तमिलनाडु में 97.37 लाख, गुजरात में 73.73 लाख और बिहार में 65 लाख से अधिक नाम कटे हैं। पश्चिम बंगाल में 58.20 लाख मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए, जबकि मध्य प्रदेश में यह संख्या 42.74 लाख रही। राजस्थान में 41.85 लाख, छत्तीसगढ़ में 27.34 लाख और केरल में 24.08 लाख नाम मतदाता सूची से बाहर किए गए हैं।

चुनाव आयोग का कहना है कि SIR प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी तरीके से की जा रही है, जिसमें घर-घर सत्यापन, दस्तावेजों की जांच और स्थानीय स्तर पर आपत्तियों के निपटारे की व्यवस्था शामिल है। आयोग के अनुसार इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि चुनाव में केवल पात्र और वास्तविक मतदाता ही मतदान करें।
हालांकि, इस बड़े पैमाने पर नाम कटने को लेकर कुछ राज्यों में राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं, जबकि चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन मतदाताओं के नाम गलती से कटे हैं, उन्हें तय प्रक्रिया के तहत दोबारा जोड़ने का अवसर दिया जाएगा।
