सीतामढ़ी में राजस्व कार्यों की समीक्षा, किसान रजिस्ट्री में तेजी और होली बाद अतिक्रमण हटाओ अभियान के निर्देश
सीतामढ़ी जिला पदाधिकारी रिची पांडे की अध्यक्षता में स्थानीय परिचर्चा भवन में राजस्व विभाग से संबंधित कार्यों की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अपर समाहर्ता (राजस्व) संजीव कुमार, सभी डीसीएलआर, अंचल अधिकारी, राजस्व पदाधिकारी एवं संबंधित कर्मी उपस्थित रहे।
बैठक में जिलाधिकारी ने राजस्व कार्यों के निष्पादन में पारदर्शिता, प्रतिबद्धता और समयबद्धता पर जोर दिया। उन्होंने दाखिल-खारिज (म्यूटेशन), परिमार्जन प्लस, भूमि अभिलेख संधारण, अपील वादों के निस्तारण, जमाबंदी सुधार, आधार सीडिंग, अभियान बसेरा–2 तथा न्यायालयों में लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन के निर्देश दिए। लंबित मामलों में किसी प्रकार की शिथिलता पर कड़ी नाराजगी जताते हुए स्पष्ट किया गया कि कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
किसान रजिस्ट्री की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्धारित लक्ष्य को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि किसान रजिस्ट्री विभिन्न सरकारी योजनाओं से सीधे जुड़ी है, इसलिए सभी अंचल अधिकारी नियमित मॉनिटरिंग करें और प्रगति प्रतिवेदन समय पर उपलब्ध कराएं।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि होली पर्व के बाद जिले में विशेष अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जाएगा। विशेष रूप से लखनदेई नदी के किनारे तथा रिंग बांध से संबंधित अवैध अतिक्रमण को प्राथमिकता के आधार पर हटाने की कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने कहा कि जल निकासी, बाढ़ प्रबंधन और सार्वजनिक सुरक्षा के दृष्टिकोण से यह अभियान अत्यंत आवश्यक है।
सरकारी जमीन पर अवैध बंदोबस्ती या जमाबंदी के मामलों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया गया कि विधिसम्मत जांच कर अवैध जमाबंदी निरस्त करने की प्रक्रिया तेज की जाए। साथ ही, तीन वर्षों से अधिक समय से एक ही स्थान पर पदस्थापित डाटा एंट्री ऑपरेटरों के स्थानांतरण की प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने का आदेश दिया गया, ताकि प्रशासनिक कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और दक्षता बनी रहे।

जिलाधिकारी ने कहा कि राजस्व प्रशासन आम जनता से सीधे जुड़ा है, इसलिए सभी पदाधिकारी संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करें तथा जन शिकायतों के शीघ्र समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।
रिपोर्ट: नसीम अहमद
