पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस के दो संदिग्ध मामले, राज्य सरकार सतर्क

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पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस के दो संदिग्ध मामले सामने आए हैं। राज्य स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, 25 और 27 वर्ष की दो नर्सों में वायरस की पुष्टि 11 जनवरी को एम्स कल्याणी की वायरस अनुसंधान और निदान प्रयोगशाला (वीआरडीएल) में हुई। दोनों नर्सें वर्तमान में उत्तर 24 परगना के निजी अस्पताल की क्रिटिकल केयर यूनिट (CCU) में भर्ती हैं।


मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती ने बताया कि दोनों नर्सों के संपर्क में आए सभी लोगों की पहचान कर पूछताछ की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि बर्धमान, नादिया और उत्तर 24 परगना जिलों में ट्रेसिंग और जांच जारी है। राज्य सरकार ने आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर भी सक्रिय किए हैं और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया दल की सहायता ली जा रही है।


चिकित्सकों के अनुसार, निपाह वायरस मुख्य रूप से फल खाने वाले चमगादड़ों (फ्लाइंग फॉक्स) से फैलता है और मानव-से-मानव संक्रमण की संभावना भी रहती है। यह मस्तिष्क की सूजन सहित गंभीर बीमारी का कारण बन सकता है, और मृत्यु दर 40-75% तक हो सकती है। वर्तमान में निपाह वायरस का कोई विशिष्ट इलाज या वैक्सीन उपलब्ध नहीं है।


विशेषज्ञों ने कहा कि संक्रमण रोकने के लिए सुरक्षात्मक उपकरण, सतह की कीटाणुशोधन और संक्रमित क्षेत्रों से दूरी जरूरी है। शुरुआती लक्षण दिखते ही त्वरित चिकित्सा हस्तक्षेप जीवनरक्षक साबित हो सकता है।

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