महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल: Women, Peace and Security Index में आखिर क्यों पिछड़ गया भारत?

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दुनिया भर में महिलाओं की सुरक्षा, समानता और अवसरों का आकलन करने वाले Women, Peace and Security Index में भारत की स्थिति एक बार फिर चिंता बढ़ाने वाली रही है। ताजा रिपोर्ट के अनुसार भारत 181 देशों में 131वें स्थान पर है, जो यह दिखाता है कि महिलाओं की सुरक्षा और समान अवसर के मामले में अभी भी कई बड़ी चुनौतियां मौजूद हैं।


विशेषज्ञों का कहना है कि महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध, सामाजिक असमानता, सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा की कमी और न्याय तक सीमित पहुंच जैसे कारण भारत की रैंकिंग को प्रभावित कर रहे हैं। रिपोर्ट में महिलाओं की सुरक्षा, न्याय और सामाजिक भागीदारी जैसे कई मानकों के आधार पर देशों का मूल्यांकन किया जाता है।


हालांकि सरकार महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएं और अभियान चला रही है, लेकिन इस रिपोर्ट ने कई सवाल भी खड़े कर दिए हैं। क्या ये योजनाएं जमीनी स्तर तक सही तरीके से पहुंच पा रही हैं? और क्या महिलाओं के लिए वास्तव में सुरक्षित और समान अवसर वाला माहौल बन पाया है?


यह इंडेक्स हर दो साल में जारी किया जाता है और इसे दुनिया के सबसे व्यापक महिला सुरक्षा सूचकांकों में से एक माना जाता है। इसका उद्देश्य देशों को यह दिखाना है कि महिलाओं के लिए सुरक्षा, समानता और अवसरों के मामले में वे कहां खड़े हैं, ताकि सरकारें और समाज मिलकर सुधार के लिए ठोस कदम उठा सकें।


अब सवाल यही है कि क्या आने वाले समय में भारत इस रैंकिंग में सुधार कर पाएगा या महिलाओं की सुरक्षा का मुद्दा केवल रिपोर्ट और बहस तक ही सीमित रह जाएगा?

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