हादसे के बाद फूटा जनआक्रोश: युवक की मौत पर एनएच-227 जाम, शव रखकर घंटों प्रदर्शन.

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सीतामढ़ी: चरौत। सड़क हादसे में घायल युवक की इलाज के दौरान मौत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। गांव पहुंचते ही शव ने ऐसा सन्नाटा और आक्रोश पैदा किया कि गम देखते-देखते गुस्से में बदल गया। परिजन और ग्रामीणों ने न्याय व मुआवजे की मांग को लेकर एनएच 227 पर शव रखकर चक्का जाम कर दिया, जिससे राष्ट्रीय राजमार्ग पर घंटों आवागमन पूरी तरह बाधित रहा। चन्द्रसेना गांव निवासी रासबिहारी दास के 25 वर्षीय पुत्र दीपेश दास बीते 8 दिसंबर को गैस गोदाम के पास एक तेज रफ्तार बाइक की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

हादसे के बाद स्थानीय लोगों की मदद से पुलिस ने उन्हें चोरौत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां से हालत चिंताजनक देखते हुए बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया गया। कई दिनों तक अस्पताल में संघर्ष के बाद बुधवार देर रात दीपेश की मौत हो गई।


गुरुवार को जैसे ही शव गांव पहुंचा, परिजनों की चीत्कार से माहौल गमगीन हो उठा। इसी बीच ग्रामीणों का धैर्य टूट गया। दोपहर करीब दो बजे भिट्ठा मोड़–चोरौत मार्ग पर चन्द्रसेना गांव के समीप शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया गया। बांस-बल्ली से रास्ता बंद किया गया, टायर जलाए गए और आरोपी वाहन चालक की गिरफ्तारी के साथ पीड़ित परिवार को तत्काल मुआवजा देने की मांग उठाई गई।


जाम के कारण एनएच पर सैकड़ों छोटे-बड़े वाहन फंस गए। यात्रियों को घंटों धूप और जाम की मार झेलनी पड़ी। सूचना पर स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंचा और समझाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी वरिय अधिकारियों की मौजूदगी तथा घटनास्थल पर ही मुआवजा देने की मांग पर अड़े रहे। समाचार लिखे जाने तक सड़क जाम बरकरार था।

इस घटना ने न केवल एक परिवार को उजाड़ दिया, बल्कि सड़क सुरक्षा, हादसों के बाद त्वरित कार्रवाई और पीड़ितों को न्याय दिलाने की व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इलाके में शोक के साथ-साथ रोष का माहौल बना हुआ है।

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