बिहार के विकास पर मंथन के लिए SDM पहुँचे खंडी भिट्ठा, अमेरिका और भारत के अर्थशास्त्रियों से हुई बैठक

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बिहार के विकास पर मंथन का दूसरे दिन की शुरुआत ऊर्जा और उत्साह से भरपूर हुई, योग गुरु रामचंद्र ठाकुर के साथ सभी प्रतिभागियों ने योग सत्र में हिस्सा लिया। प्रशिक्षित योग शिक्षक द्वारा कराए गए आसन और प्राणायाम ने न केवल सभी को शारीरिक रूप से स्फूर्तिवान बनाया, बल्कि मानसिक रूप से भी एकाग्रता और सकारात्मकता प्रदान की। इसके बाद बिहार के बुनियादी सामाजिक-आर्थिक सूचकांकों पर विस्तृत चर्चा आयोजित की गई। मंदार मंथन द्वारा आयोजित इस शिविर में समाज के विभिन्न वर्गों के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए, जिससे यह कार्यक्रम वास्तव में जनसहभागिता का उत्कृष्ट उदाहरण बन गया।


चर्चा के दौरान मुख्य रूप से कृषि से संबंधित चुनौतियों, खंडित भूमि जोत, सिंचाई सुविधाओं की कमी, उर्वरकों के उपयोग से जुड़ी परेशानियों, जल प्रदूषण, रोजगार के अभाव और बड़े पैमाने पर हो रहे पलायन जैसे गंभीर मुद्दे सामने आए। साथ ही, इन समस्याओं से निपटने में आ रही संस्थागत बाधाओं पर भी खुलकर बात की गई। ग्रामीणों ने अपनी चिंताओं के साथ-साथ व्यावहारिक सुझाव भी दिए। उन्होंने बाढ़ नियंत्रण के बेहतर प्रबंधन, सिंचाई व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण, कृषि आधारित छोटे उद्योगों के विकास और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन जैसी नीतिगत पहल की आवश्यकता पर जोर दिया।


चर्चा के अगले चरण में स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों SDM गौरव कुमार व सदर SDM आनंद कुमार के साथ सार्थक संवाद हुआ। प्रतिभागियों ने क्षेत्र की समस्याओं और संभावनाओं को विस्तार से उनके सामने रखा।  सीतामढ़ी जिला के दोनों SDM ने संकल्प व्यक्त करते हुए आश्वासन दिया कि वे अपनी सीमाओं के भीतर रहते हुए अधिकतम प्रयास करेंगे और यहाँ के विकास संबंधी मुद्दों व संभावनाओं को सरकार के समक्ष प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करेंगे।

इस संवाद ने ग्रामीणों में विश्वास जगाया कि उनकी आवाज न केवल सुनी जा रही है, बल्कि उस पर कार्रवाई की भी वास्तविक संभावना है। कुल मिलाकर, यह शिविर जागरूकता, सहभागिता और विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।

रिपोर्ट: राजीव नन्द,

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