दावों की चमक, हकीकत में बदहाली: अधूरा नाला निर्माण बना लोगों के लिए आफत
सीतामढ़ी।
बिहार सरकार भले ही विकास कार्यों को लेकर बड़े-बड़े दावे करती नजर आ रही हो, लेकिन जमीनी सच्चाई इन दावों की पोल खोलती दिखाई दे रही है। सीतामढ़ी शहर के एक प्रमुख इलाके में नाला निर्माण कार्य लंबे समय से अधूरा पड़ा है, जिससे स्थानीय लोगों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
अधूरे नाले के कारण सड़क पर लगातार गंदा पानी बह रहा है। बरसात के दिनों में हालात और भी बदतर हो जाते हैं। जलजमाव की वजह से आवागमन बाधित हो रहा है, वहीं मच्छरों का प्रकोप बढ़ने से संक्रामक बीमारियों का खतरा भी मंडराने लगा है। दुर्गंध और गंदगी के बीच लोगों को मजबूरी में रहना पड़ रहा है।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्होंने कई बार नगर प्रशासन और संबंधित विभागों से शिकायत की, लेकिन अब तक न तो नाला निर्माण पूरा हुआ और न ही समस्या का कोई स्थायी समाधान निकाला गया। बारिश के समय मोहल्ले की गलियां तालाब में तब्दील हो जाती हैं। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं के लिए घर से बाहर निकलना तक मुश्किल हो जाता है।
लोगों का आरोप है कि विकास योजनाओं को कागजों पर पूरा दिखा दिया जाता है, जबकि जमीनी स्तर पर काम अधूरा छोड़ दिया जाता है। इससे आम जनता को परेशानी झेलनी पड़ रही है और प्रशासनिक उदासीनता साफ नजर आ रही है।

सीतामढ़ी में अधूरे पड़े इस नाला निर्माण की तस्वीरें विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति को उजागर करती हैं और जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। अब देखने वाली बात यह होगी कि जिला प्रशासन और संबंधित विभाग इस समस्या को कितनी गंभीरता से लेते हैं और कब तक आम लोगों को इस बदहाल स्थिति से राहत मिल पाती है।
रिपोर्ट: नसीम अहमद,
