कन्हवां बॉर्डर पर एसएसबी की बड़ी कार्रवाई, 49 लाख नेपाली रुपये के साथ युवक गिरफ्तार

0
image_editor_output_image-1508564473-17685880668416706178906856213718

ब्यूरो चीफ़,  सीतामढ़ी भारत–नेपाल सीमा पर तैनात सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने कन्हवां बॉर्डर पर बड़ी सफलता हासिल करते हुए 49 लाख नेपाली रुपये के साथ एक युवक को गिरफ्तार किया है।

पकड़े गए युवक की पहचान सीतामढ़ी जिले के बेला थाना क्षेत्र के भेड़रहिया गांव निवासी राम स्नेही यादव के पुत्र नीतीश कुमार के रूप में की गई है। एसएसबी ने युवक को संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर रोका, जिसके बाद तलाशी के दौरान उसके पास से भारी मात्रा में नेपाली मुद्रा बरामद की गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, कन्हवां बॉर्डर पर नियमित चेकिंग के दौरान एसएसबी के जवानों को एक युवक की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। जब उसे रोककर पूछताछ की गई तो वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। इसके बाद जब जवानों ने उसकी तलाशी ली तो उसके पास से 49 लाख नेपाली रुपये बरामद हुए।

इतनी बड़ी रकम मिलने के बाद एसएसबी ने तत्काल उसे हिरासत में ले लिया। एसएसबी अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक पूछताछ में युवक नेपाली मुद्रा के संबंध में कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका है। आशंका जताई जा रही है कि यह मामला सीमा पार अवैध लेन-देन, तस्करी या हवाला नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए उससे गहन पूछताछ की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इतनी बड़ी राशि कहां से लाई गई थी और इसे कहां ले जाया जाना था। पुछताछ के बाद एसएसबी ने बरामद नेपाली मुद्रा को जब्त कर लिया है और संबंधित एजेंसियों को सूचना दे दी गई है।

युवक के खिलाफ सीमा शुल्क एवं अन्य संबंधित कानूनों के तहत कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।आगे की कार्रवाई के लिए उसे संबंधित थाना एवं जांच एजेंसियों के हवाले करने की तैयारी की जा रही है। एसएसबी अधिकारियों ने बताया कि भारत–नेपाल सीमा पर अवैध तस्करी, नकदी लेन-देन और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए लगातार सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है।

इस कार्रवाई से यह स्पष्ट होता है कि एसएसबी सीमा सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सतर्क है और किसी भी अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। घटना के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल है और लोग एसएसबी की इस कार्रवाई की सराहना कर रहे हैं।

वहीं, जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि इस मामले के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय है या नहीं।

 

रिपोर्ट: नसीम अहमद

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed