बिहार: एक साल में 129 सरकारी स्कूलों में शून्य नामांकन, शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल

0
img_20260106_120248488400494447553702

Oplus_16908288

जिलों से प्राप्त रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। राज्य में ऐसे सरकारी स्कूलों की संख्या तेजी से बढ़ी है, जहां एक भी छात्र का नामांकन नहीं हुआ। वर्ष 2024 में जहां केवल 3 स्कूल शून्य नामांकन की स्थिति में थे, वहीं 2025 में यह संख्या बढ़कर 129 हो गई है।


इन स्कूलों में भवन, शिक्षक और बुनियादी सुविधाएं मौजूद हैं, लेकिन छात्र-छात्राएं नहीं हैं। हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि कई स्कूलों को बंद करने या अन्य स्कूलों में विलय करने पर विचार किया जा रहा है।


चार जिले सबसे ज्यादा प्रभावित
साल 2025 में गया जिले में सबसे अधिक 30 स्कूलों में नामांकन शून्य पाया गया। इसके बाद सारण और पूर्वी चंपारण में 16-16, जबकि कटिहार में 12 स्कूलों में एक भी छात्र नामांकित नहीं है।


पटना जिले में भी गंभीर स्थिति
पटना जिले में ऐसे 7 विद्यालय सामने आए हैं, जहां नामांकन पूरी तरह शून्य है। अधिकतर स्कूल ग्रामीण इलाकों में स्थित हैं। कुछ स्कूलों के भवनों का उपयोग अन्य सरकारी कार्यों के लिए भी किया जा रहा है।


शिक्षा व्यवस्था पर सवाल
एक ही वर्ष में स्कूलों का इस तरह खाली हो जाना ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था के कमजोर होने, निजी स्कूलों की ओर झुकाव और पलायन जैसी समस्याओं की ओर इशारा करता है।


अब शिक्षा विभाग इन स्कूलों के भविष्य को लेकर ठोस निर्णय लेने की तैयारी में है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed