भारतीय अर्थव्यवस्था को सहारा, जनवरी में जीएसटी कलेक्शन 1.93 लाख करोड़ पार
National: जनवरी महीने में देश का जीएसटी कलेक्शन मजबूत प्रदर्शन करता नजर आया। इस दौरान कुल जीएसटी संग्रह 6.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 1.93 लाख करोड़ रुपये से अधिक पहुंच गया, जो पिछले तीन महीनों का उच्च स्तर है। यह साफ संकेत देता है कि देश में बढ़ी हुई खपत ने जीएसटी दरों में की गई कटौती की भरपाई कर दी है।
सरकार ने सितंबर 2025 से करीब 375 वस्तुओं पर जीएसटी दरों में कमी की थी, जिससे आम उपभोक्ताओं के लिए कई सामान सस्ते हो गए। इसके साथ ही जीएसटी ढांचे में बड़ा बदलाव करते हुए पांच, 12, 18 और 28 प्रतिशत के चार टैक्स स्लैब को मिलाकर दो स्लैब—पांच और 18 प्रतिशत—कर दिए गए। हालांकि, कुछ चुनिंदा अल्ट्रा-लक्जरी वस्तुओं और तंबाकू उत्पादों के लिए 40 प्रतिशत का उच्चतम टैक्स स्लैब बनाए रखा गया है।
जनवरी में रिफंड में 3.1 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह 22,665 करोड़ रुपये रहा। इसके चलते शुद्ध जीएसटी राजस्व 7.6 प्रतिशत बढ़कर लगभग 1.71 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। वहीं, घरेलू स्तर पर सकल टैक्स संग्रह 4.8 प्रतिशत बढ़कर 1.41 लाख करोड़ रुपये रहा। आयात से होने वाला राजस्व भी 10.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 52,253 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।
गौरतलब है कि जीएसटी दरों में कटौती लागू होने से पहले राजस्व में गिरावट देखी गई थी। नवंबर में जीएसटी कलेक्शन घटकर 1.70 लाख करोड़ रुपये रह गया था, जो दिसंबर में बढ़कर 1.74 लाख करोड़ रुपये हुआ। जनवरी का आंकड़ा अक्टूबर के 1.96 लाख करोड़ रुपये के करीब पहुंच गया है। इस दौरान तंबाकू उत्पादों से सेस कलेक्शन 5,768 करोड़ रुपये रहा।

