राम-जानकी फोरलेन: अयोध्या से जनकपुर तक, सीतामढ़ी का विकास और रोजगार बदलेगा…
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सीतामढ़ी: अयोध्या से जनकपुर तक प्रस्तावित राम-जानकी फोरलेन परियोजना अब सिर्फ़ एक सड़क नहीं, बल्कि सीतामढ़ी और उत्तर बिहार के लिए विकास का नया मार्ग बनने जा रही है। करीब 240 किलोमीटर लंबा यह हाईवे प्रभु श्रीराम और माता जानकी की पावन स्थलों को जोड़ते हुए धार्मिक यात्रा को तेज़, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाएगा।
परियोजना का मार्ग यूपी–बिहार सीमा के मेहरौना घाट से शुरू होकर गोपालगंज, मोतिहारी, शिवहर और सीतामढ़ी होते हुए नेपाल सीमा भिट्ठामोड़ तक जाएगा और सीधे जनकपुर (नेपाल) को जोड़ेगा। सीतामढ़ी–भिट्ठामोड़ खंड में NH-27A और NH-227 के चयनित सेक्शन भी शामिल हैं। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने DPR (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार करने की जिम्मेदारी थीम इंजीनियरिंग कंसलटेंट को सौंप दी है।
इस फोरलेन की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह माता जानकी की प्रकाट्यस्थली पुनौरा धाम को सीधे हाईवे से जोड़ेगा, जहां भव्य मंदिर निर्माण कार्य प्रगति पर है। इसके पूरा होने के बाद अयोध्या–पुनौरा धाम–सीतामढ़ी–शिवहर–जनकपुर की यात्रा पहले से कहीं अधिक तेज़, आरामदायक और सुरक्षित होगी।

फोरलेन परियोजना से धार्मिक पर्यटन में जबरदस्त वृद्धि होगी, जिससे स्थानीय होटल, धर्मशाला, ढाबा, टूर गाइड, ट्रांसपोर्ट और छोटे व्यापारों को लाभ मिलेगा। इसके अलावा, पेट्रोल पंप, लॉजिस्टिक पार्क और औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार से युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी खुलेंगे। जमीन की कीमतों में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी की संभावना है।
परसौनी, रीगा, बथनाहा, परिहार, सुरसंड सहित सीतामढ़ी के दर्जनों गांव सीधे फोरलेन नेटवर्क से जुड़ेंगे, जिससे यह इलाका धार्मिक पर्यटन और आर्थिक विकास का प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा।
राम-जानकी फोरलेन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि सीतामढ़ी और आसपास के क्षेत्र के लिए आर्थिक और रोजगार की नई धुरी भी साबित होगी।

