बथनाहा प्रखंड को बाल विवाह मुक्त बनाने की पहल प्रखंड स्तरीय बाल संरक्षण समिति की बैठक में बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा पर जोर…
रिपोर्ट: नसीम अहमद,
सीतामढ़ी। बथनाहा प्रखंड को बाल विवाह और बाल शोषण मुक्त बनाने की दिशा में प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। प्रखंड विकास पदाधिकारी राजाराम पासवान की अध्यक्षता में मंगलवार को प्रखंड स्तरीय बाल संरक्षण समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें बच्चों के अधिकारों, सुरक्षा और कल्याण से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से समीक्षा की गई।

बैठक की शुरुआत प्रखंड विकास पदाधिकारी राजाराम पासवान और बाल विकास परियोजना पदाधिकारी रीमा कुमारी द्वारा संयुक्त रूप से की गई। दोनों अधिकारियों ने प्रखंड क्षेत्र में बाल संरक्षण समिति द्वारा किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा करते हुए कहा कि बच्चों से संबंधित हर तरह के शोषण को रोकना सभी हितधारकों की सामूहिक जिम्मेदारी है।
बैठक को संबोधित करते हुए प्रखंड विकास पदाधिकारी राजाराम पासवान ने कहा कि बाल विवाह, बाल श्रम, बाल तस्करी और बाल दुर्व्यवहार जैसी कुप्रथाओं पर नियंत्रण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने वार्ड एवं पंचायत स्तरीय बाल संरक्षण समितियों की मासिक बैठकों को समय पर आयोजित करने का निर्देश देते हुए कहा कि जमीनी स्तर पर सक्रियता बढ़ाकर ही बच्चों के अधिकारों की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है। राजा राम पासवान ने यह भी बताया कि प्रखंड में बाल श्रम के खिलाफ सामूहिक अभियान चलाया जाएगा, जिसमें स्कूल, आंगनवाड़ी, स्थानीय संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।

बाल विकास परियोजना पदाधिकारी रीमा कुमारी ने बाल विवाह, बाल तस्करी और बाल दुर्विपणन से बच्चों को मुक्त कराने तथा उनके पुनर्वास से जुड़े प्रावधानों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। बैठक में उपस्थित अंचलाधिकारी बथनाहा, प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी सुशांत कुमार, तथा अदिथी संस्था के प्रतिनिधि मनीष कुमार सिंह ने भी बाल शोषण उन्मूलन पर अपने विचार रखते हुए कहा कि प्रखंड क्षेत्र में विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोग बाल संरक्षण के महत्व से अवगत हो सकें।
प्रखंड प्रशासन का मानना है कि सरकारी तंत्र और समाज की संयुक्त पहल से ही बथनाहा को बाल विवाह एवं बाल श्रम मुक्त क्षेत्र बनाया जा सकेगा।
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- Riyadh में हवाई हमले की आशंका: जोरदार धमाकों से दहला शहर, लोगों को मिला अलर्ट
रियाद (सऊदी अरब): सऊदी अरब की राजधानी Riyadh के Sulay इलाके (Sulay-18) में बुधवार को भारतीय समयानुसार करीब 10:10 बजे हवाई हमले जैसी स्थिति देखने को मिली। स्थानीय लोगों के मुताबिक, इलाके में जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं, जिससे दहशत का माहौल बन गया।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पहली बार शहर के कई लोगों के मोबाइल फोन पर संभावित हवाई खतरे (hostile aerial threat) का अलर्ट भी भेजा गया।
मिसाइल और ड्रोन हमलों की आशंका
सऊदी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, हाल ही में राजधानी और आसपास के इलाकों को निशाना बनाकर दागे गए मिसाइल और ड्रोन को इंटरसेप्ट कर नष्ट किया गया है।
बताया जा रहा है कि अल-खार्ज क्षेत्र की ओर दागी गई बैलिस्टिक मिसाइल को भी हवा में ही मार गिराया गया।वीडियो
लगातार बढ़ रहा है खतरा
मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के बीच सऊदी अरब पर हमलों की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हाल के दिनों में कई ड्रोन और मिसाइल हमलों को नाकाम किया गया है।
SAUDI ARABIA BREAKING NEWS
यह घटनाएं उस बड़े क्षेत्रीय संघर्ष का हिस्सा मानी जा रही हैं, जिसमें ईरान और अन्य शक्तियों के बीच तनाव चरम पर है।
स्थिति पर नजर
फिलहाल किसी बड़े नुकसान या हताहत की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं और इलाके में निगरानी बढ़ा दी गई है।
- महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल: Women, Peace and Security Index में आखिर क्यों पिछड़ गया भारत?
दुनिया भर में महिलाओं की सुरक्षा, समानता और अवसरों का आकलन करने वाले Women, Peace and Security Index में भारत की स्थिति एक बार फिर चिंता बढ़ाने वाली रही है। ताजा रिपोर्ट के अनुसार भारत 181 देशों में 131वें स्थान पर है, जो यह दिखाता है कि महिलाओं की सुरक्षा और समान अवसर के मामले में अभी भी कई बड़ी चुनौतियां मौजूद हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध, सामाजिक असमानता, सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा की कमी और न्याय तक सीमित पहुंच जैसे कारण भारत की रैंकिंग को प्रभावित कर रहे हैं। रिपोर्ट में महिलाओं की सुरक्षा, न्याय और सामाजिक भागीदारी जैसे कई मानकों के आधार पर देशों का मूल्यांकन किया जाता है।
हालांकि सरकार महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएं और अभियान चला रही है, लेकिन इस रिपोर्ट ने कई सवाल भी खड़े कर दिए हैं। क्या ये योजनाएं जमीनी स्तर तक सही तरीके से पहुंच पा रही हैं? और क्या महिलाओं के लिए वास्तव में सुरक्षित और समान अवसर वाला माहौल बन पाया है?
यह इंडेक्स हर दो साल में जारी किया जाता है और इसे दुनिया के सबसे व्यापक महिला सुरक्षा सूचकांकों में से एक माना जाता है। इसका उद्देश्य देशों को यह दिखाना है कि महिलाओं के लिए सुरक्षा, समानता और अवसरों के मामले में वे कहां खड़े हैं, ताकि सरकारें और समाज मिलकर सुधार के लिए ठोस कदम उठा सकें।
अब सवाल यही है कि क्या आने वाले समय में भारत इस रैंकिंग में सुधार कर पाएगा या महिलाओं की सुरक्षा का मुद्दा केवल रिपोर्ट और बहस तक ही सीमित रह जाएगा?
- मिडिल ईस्ट तनाव के बीच भारत को राहत, होर्मुज स्ट्रेट से भारतीय LPG टैंकरों को मिली अनुमति
International: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच भारत के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। जानकारी के मुताबिक ईरान ने भारत के झंडे वाले दो एलपीजी टैंकरों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ से गुजरने की अनुमति दे दी है। सूत्रों के अनुसार यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब क्षेत्र में युद्ध जैसे हालात के कारण इस अहम समुद्री मार्ग से जहाजों की आवाजाही प्रभावित हो रही है।
बताया जा रहा है कि ये दोनों टैंकर लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) लेकर भारत की ओर आ रहे हैं। मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के चलते कई देशों के जहाज इस रास्ते से गुजरने में सतर्कता बरत रहे थे। ऐसे में ईरान द्वारा भारतीय जहाजों को रास्ता देने का फैसला भारत के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। इससे देश में घरेलू गैस की संभावित कमी को कुछ हद तक कम करने में मदद मिल सकती है।
इसी बीच जानकारी मिली है कि सऊदी अरब का कच्चा तेल लेकर एक टैंकर भी शनिवार को भारत पहुंचने वाला है। शिपिंग डेटा उपलब्ध कराने वाली संस्था Lloyd’s List Intelligence के अनुसार यह जहाज करीब 1 मार्च के आसपास स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ से होकर गुजरा था और सुरक्षित तरीके से भारत की ओर बढ़ रहा है।
इस बीच भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहाली ने भी संकेत दिया है कि भारतीय जहाजों को इस समुद्री मार्ग से सुरक्षित रास्ता मिल सकता है। उन्होंने कहा कि भारत और ईरान के बीच लंबे समय से दोस्ताना संबंध हैं और दोनों देशों के कई क्षेत्रीय हित भी साझा हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है। इसी रास्ते से बड़ी मात्रा में वैश्विक तेल और गैस की आपूर्ति होती है। इसलिए इस क्षेत्र में बढ़ते तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार और वैश्विक व्यापार पर भी पड़ सकता है। ऐसे में भारतीय जहाजों को इस मार्ग से गुजरने की अनुमति मिलना भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
- सीतामढ़ी में प्रशासन की सख्ती: गैस एजेंसी व होटलों में छापेमारी, 324 लीटर नेपाली शराब के साथ दो गिरफ्तार
सीतामढ़ी। जिले में प्रशासन और पुलिस की ओर से अवैध गतिविधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में एक ओर जहां घरेलू गैस सिलेंडरों के दुरुपयोग को लेकर एसडीओ के नेतृत्व में शहर में छापेमारी की गई, वहीं दूसरी ओर भासर पिकेट पुलिस ने बड़ी मात्रा में नेपाली सौंफी शराब बरामद कर दो लोगों को गिरफ्तार किया है।
घरेलू गैस की अनियमित आपूर्ति और दुरुपयोग की शिकायतों के बाद एसडीओ आनंद कुमार के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम ने शहर में कई स्थानों पर छापेमारी की। टीम ने सबसे पहले राजीव गैस एजेंसी में पहुंचकर स्टॉक, वितरण रजिस्टर और अन्य दस्तावेजों की जांच की। जांच के दौरान कुछ अनियमितताओं की जानकारी सामने आने की बात कही जा रही है, जिसके बाद एजेंसी से जुड़े कागजातों की बारीकी से जांच की गई।
इसके बाद टीम ने शहर के कृष्ण स्वीट्स सहित कई होटल और रेस्टोरेंट में भी जांच अभियान चलाया। अधिकारियों ने यह पता लगाने की कोशिश की कि कहीं घरेलू गैस सिलेंडरों का व्यावसायिक उपयोग तो नहीं किया जा रहा है। अचानक हुई इस कार्रवाई से होटल और रेस्टोरेंट संचालकों में हड़कंप मच गया और कई जगहों पर संचालक अपने कागजात व्यवस्थित करते नजर आए। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच में मिली अनियमितताओं के आधार पर आगे विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
वहीं दूसरी ओर थाना क्षेत्र के भासर पिकेट पुलिस ने ग्राम आमघट्टा में छापेमारी कर 324 लीटर नेपाली सौंफी शराब बरामद की है। पुलिस ने मौके से दो लोगों को गिरफ्तार किया है तथा तस्करी में इस्तेमाल की जा रही एक मोटरसाइकिल और एक मोबाइल फोन भी जब्त किया है। पुलिस के अनुसार गुप्त सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की गई और गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।
पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। - डायट डुमरा में राष्ट्रीय सेमिनार, डीएम रिची पांडेय बोले – नैतिक विवेक के साथ एआई का उपयोग जरूरी
सीतामढ़ी। डुमरा स्थित जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में शुक्रवार को “नैतिक विवेक की शक्ति के साथ कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का उपयोग” विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा और समाज में एआई की भूमिका तथा इसके जिम्मेदार उपयोग पर विस्तृत चर्चा की गई।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई। उद्घाटन सत्र में महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय वर्धा के डॉ. गोपाल कृष्ण ठाकुर, केंद्रीय विश्वविद्यालय लखनऊ की डॉ. किरणलता गांधवाल, महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय मोतिहारी की डॉ. रश्मि श्रीवास्तव, अनुमंडल कृषि पदाधिकारी नगमा शादाब और डायट की प्राचार्या कुमारी अर्चना सहित अन्य शिक्षाविद मौजूद रहे।
मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित जिलाधिकारी रिची पांडेय ने कहा कि आज के दौर में कृत्रिम बुद्धिमत्ता तेजी से शिक्षा, प्रशासन और समाज के विभिन्न क्षेत्रों को प्रभावित कर रही है। ऐसे में इसका उपयोग नैतिक मूल्यों और मानवीय संवेदनाओं के साथ किया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि विवेक और जिम्मेदारी के साथ तकनीक का इस्तेमाल समाज के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
डीएम ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में एआई का उपयोग शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और रोचक बना सकता है। उन्होंने शिक्षकों और प्रशिक्षुओं को नई तकनीकों को सीखने और सकारात्मक रूप से अपनाने के लिए प्रेरित किया।
सेमिनार में विभिन्न विश्वविद्यालयों से आए विशेषज्ञों ने एआई के बढ़ते प्रभाव, शिक्षा में इसके उपयोग और नैतिकता के महत्व पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम में संस्थान के व्याख्याताओं, प्रशिक्षुओं और शिक्षकों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई।
