सीतामढ़ी पुलिस में बड़ा फेरबदल: 16 अफसरों का तबादला, मेजरगंज- महिंदवारा थानेदार लाइन हाजिर
{"remix_data":[],"remix_entry_point":"challenges","source_tags":["local"],"origin":"unknown","total_draw_time":0,"total_draw_actions":0,"layers_used":0,"brushes_used":0,"photos_added":0,"total_editor_actions":{},"tools_used":{"beautify":1},"is_sticker":false,"edited_since_last_sticker_save":true,"containsFTESticker":false}
सीतामढ़ी। बिहार के सीतामढ़ी जिले में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक अमित रंजन ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। जिलादेश संख्या 531/2026 के तहत 16 पुलिस पदाधिकारियों का तबादला किया गया है, जिससे पुलिस महकमे में हलचल मच गई है।
इस Sitamarhi Police Transfer 2026 में कई थानों को नए प्रभारी दिए गए हैं, जबकि लापरवाही और कार्यकाल पूरा होने के चलते कुछ अधिकारियों को लाइन हाजिर भी किया गया है।
सबसे बड़ी कार्रवाई मेजरगंज और महिंदवारा थानों में देखने को मिली, जहां थानाध्यक्ष ललित कुमार और राकेश कुमार को तत्काल प्रभाव से हटाकर पुलिस केंद्र (लाइन) भेज दिया गया। इसे विभाग की सख्ती के रूप में देखा जा रहा है।

वहीं, पुलिस कार्यालय में तैनात अमरेन्द्र कुमार को मेजरगंज थाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि सुमित कुमार को महिंदवारा का नया थानाध्यक्ष बनाया गया है। अधिकारियों को उम्मीद है कि नए प्रभारी अपराध नियंत्रण में तेजी लाएंगे।
🔍 तबादलों की मुख्य सूची:
ललित कुमार – मेजरगंज से पुलिस केंद्र (लाइन)
राकेश कुमार – महिंदवारा से पुलिस केंद्र
धनंजय चौधरी – बथनाहा से थानाध्यक्ष, सीतामढ़ी
सुमित कुमार – परिहार से थानाध्यक्ष, महिंदवारा
सुरेन्द्र कुमार – बोखड़ा से पुलिस केंद्र
ललन यादव – पुपरी से थानाध्यक्ष, बोखड़ा
रूपेश कुमार – नानपुर से थानाध्यक्ष, बथनाहा
देवब्रत कुमार – पुलिस कार्यालय से थानाध्यक्ष, नानपुर
अमृत कुमार पाल – बाजपट्टी से पुलिस केंद्र
जितेन्द्र कुमार – सहियारा से थानाध्यक्ष, बाजपट्टी
दीपक पटेल – सोनबरसा से थानाध्यक्ष, भिट्ठा
आशीष कुमार ठाकुर – पुलिस कार्यालय से थानाध्यक्ष, सुप्पी
अरविन्द गिरी – रीगा से थानाध्यक्ष, बैरगनिया
अमरेन्द्र कुमार – पुलिस कार्यालय से थानाध्यक्ष, मेजरगंज
पंकज यादव – पुलिस कार्यालय से थानाध्यक्ष, परिहार
अर्चना कुमारी – डुमरा से थानाध्यक्ष, सहियारा
आदेश में सभी अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे बिना देरी अपने नए पदस्थापन स्थल पर योगदान दें और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करें।
पुलिस विभाग में इस बड़े फेरबदल को एक तरह की “सर्जिकल स्ट्राइक” के रूप में देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि आगामी चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है, ताकि जिले में कानून-व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ हो सके।
अब सबकी नजर नए थानाध्यक्षों की कार्यशैली पर है कि वे अपराध नियंत्रण में कितनी तेजी दिखाते हैं।

