भारत-नेपाल सीमा पर अतिक्रमण हटाने पर सहमति, शिव मंदिर को लेकर बढ़ा विवाद
सीतामढ़ी। बिहार के सीतामढ़ी जिले के परिहार प्रखंड स्थित भारत-नेपाल अंतर्राष्ट्रीय सीमा के कन्हवा क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने को लेकर गुरुवार को एक अहम बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में भारत और नेपाल के अधिकारी, जनप्रतिनिधि तथा स्थानीय नागरिक शामिल हुए।
बैठक में Indo Nepal Border Encroachment Sitamarhi मुद्दे पर चर्चा करते हुए कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर सहमति बनी। पहले प्रस्ताव के तहत सरकारी अमीन द्वारा भूमि की मापी कर नो-मैन्स लैंड पर हुए अतिक्रमण को चिन्हित किया जाएगा। इसके बाद अतिक्रमण हटाने के लिए संबंधित लोगों को 15 दिन का समय दिया जाएगा।
निर्धारित समय सीमा के बाद भी अतिक्रमण नहीं हटाने पर प्रशासन द्वारा नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, बैठक में शिव मंदिर को लेकर विवाद भी सामने आया। स्थानीय लोगों ने इसे धार्मिक आस्था का केंद्र बताते हुए मंदिर को सुरक्षित रखने की मांग की। उनका कहना है कि यह मंदिर वर्षों से भारत और नेपाल दोनों देशों के श्रद्धालुओं के लिए पूजा-अर्चना का प्रमुख स्थल रहा है।
बैठक के बाद स्थानीय नागरिकों ने दोनों देशों के अधिकारियों को एक ज्ञापन सौंपकर मंदिर को संरक्षित रखने की मांग की।
प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया में स्थानीय लोगों के साथ समन्वय बनाए रखा जाएगा और सभी पक्षों को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस मुद्दे को लेकर क्षेत्र में संवेदनशील माहौल बना हुआ है, और अब सभी की नजर प्रशासन के अगले कदम पर टिकी है।

