नल-जल योजना की धीमी प्रगति पर डीएम सख्त, 716 टोलों में जल्द काम पूरा करने का निर्देश
सीतामढ़ी: जिले में नल-जल योजना (Nal Jal Yojana) की धीमी प्रगति को लेकर जिलाधिकारी रिची पांडेय ने कड़ा रुख अपनाया है। मंगलवार, को परिचर्चा भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिया कि छूटे हुए 716 टोलों में हर हाल में तय समय सीमा के भीतर कार्य पूरा किया जाए।
यह बैठक लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED), विद्युत विभाग और पंचायती राज विभाग के साथ संयुक्त रूप से आयोजित की गई, जिसमें पेयजल आपूर्ति, योजनाओं के रख-रखाव, अनुरक्षकों के बकाया मानदेय और बिजली आपूर्ति की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई।
समीक्षा के दौरान बताया गया कि अब तक 571 योजनाओं में बोरिंग कार्य पूरा हो चुका है, जबकि 47 योजनाओं में पाइपलाइन बिछाने का कार्य संपन्न हुआ है। इस धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए डीएम ने कार्यपालक अभियंता को चेतावनी दी कि काम में तेजी लाएं, अन्यथा सख्त कार्रवाई की जाएगी।
डीएम ने कार्यकारी एजेंसियों को फटकार लगाते हुए एडीएम (आपदा प्रबंधन) को संबंधित एजेंसियों से स्पष्टीकरण लेने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सभी योजनाओं को गुणवत्ता और मानकों के अनुरूप समय पर पूरा करना अनिवार्य है।

इसके साथ ही, सभी कार्यों की निगरानी कंट्रोल रूम के माध्यम से करने और नियमित गुणवत्ता जांच सुनिश्चित करने को कहा गया। आम लोगों की सुविधा के लिए सभी कनीय अभियंताओं के मोबाइल नंबर सार्वजनिक करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि जिले में अब तक 684 चापाकलों की मरम्मत की जा चुकी है।
बिजली व्यवस्था पर भी सख्ती
विद्युत विभाग की समीक्षा के दौरान डीएम ने लो वोल्टेज की समस्या को जल्द दूर करने का निर्देश दिया। उन्होंने प्रखंड स्तर पर कैंप लगाकर बिजली बिल से जुड़ी समस्याओं के त्वरित समाधान पर जोर दिया।
साथ ही सभी विद्युत अभियंताओं को निर्देश दिया गया कि वे आम लोगों के फोन कॉल का जवाब दें और समस्याओं के प्रति संवेदनशील रहें।
डीएम ने स्पष्ट कहा कि सीतामढ़ी में निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए कंट्रोल रूम को सक्रिय करने और सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।

