दिल्ली में लापता लोगों का चौंकाने वाला आंकड़ा: 11 साल में 2.55 लाख लोग गायब, 53 हजार अब भी लापता

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नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली में मानव तस्करी (Human Trafficking) और लापता लोगों (Missing Persons) का मुद्दा लगातार गंभीर होता जा रहा है। दिल्ली पुलिस के जिपनेट (ZIPNET) आंकड़ों के अनुसार, पिछले 11 वर्षों में हजारों लोग अचानक लापता हो गए, जिनमें बड़ी संख्या बच्चों और किशोरों की है।


आंकड़ों के मुताबिक, 2015 से 2025 के बीच 18 वर्ष तक के 5,559 बच्चे और किशोर लापता हुए। इनमें से 4,864 को ही पुलिस खोज पाई, जबकि करीब 695 बच्चे अब भी लापता हैं। यह स्थिति राजधानी में बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है।


अगर सभी आयु वर्ग की बात करें तो इस अवधि में दिल्ली से कुल 2,55,432 लोग लापता हुए। इनमें से 2,01,455 लोगों को पुलिस ने ढूंढ लिया, लेकिन 53,977 लोग आज भी लापता हैं।


आंकड़ों का विश्लेषण बताता है कि पिछले 11 वर्षों में औसतन हर दिन करीब 63 लोग दिल्ली से गायब हुए हैं। यह आंकड़ा न केवल चौंकाने वाला है, बल्कि कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मानव तस्करी, घरेलू विवाद, अपराध और सामाजिक कारण लापता होने की बड़ी वजह हो सकते हैं। हालांकि, कई मामलों में अब तक कोई स्पष्ट सुराग नहीं मिल पाया है।


सबसे बड़ा सवाल यही है कि लापता बच्चे और लोग आखिर कहां चले जाते हैं? क्या इसके पीछे संगठित अपराध गिरोह सक्रिय हैं या सिस्टम में कहीं बड़ी कमी है?


यह आंकड़े दिल्ली के लोगों के लिए चिंता का विषय हैं और इस दिशा में ठोस कदम उठाने की जरूरत को उजागर करते हैं।

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