“सबका सम्मान, जीवन आसान” कार्यक्रम में डीएम ने सुनीं जन समस्याएं, त्वरित समाधान के निर्देश
सीतामढ़ी: बिहार सरकार के “सात निश्चय–3” के तहत चलाए जा रहे “सबका सम्मान, जीवन आसान (Public Grievance Program)” अभियान के अंतर्गत परिहार प्रखंड के धरहरवा पंचायत स्थित किसान भवन में जन-सुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इस कार्यक्रम में जिलाधिकारी (DM) ने स्वयं उपस्थित होकर आम लोगों की समस्याएं सुनीं। मौके पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
भूमि विवाद से लेकर बिजली-पानी तक उठे कई मुद्दे
जन-सुनवाई के दौरान सबसे अधिक मामले भूमि विवाद (Land Dispute) से जुड़े सामने आए। इसके अलावा राशन कार्ड, शौचालय भुगतान, पेयजल समस्या, सड़क अतिक्रमण, एंबुलेंस सुविधा, श्रम कार्ड, फसल क्षति अनुदान, बिजली पोल की कमी, सोलर स्ट्रीट लाइट मरम्मत, नल-जल योजना समेत कई अहम मुद्दे उठाए गए।
इसके साथ ही स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों की कमी, पंचायत कार्यालयों में कर्मियों की अनुपस्थिति, खाद्यान्न वितरण, सड़क निर्माण में लापरवाही जैसे मामलों पर भी ग्रामीणों ने अपनी शिकायतें दर्ज कराईं।

अधिकारियों को सख्त निर्देश, समयबद्ध समाधान पर जोर
डीएम ने सभी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को शीघ्र निस्तारण (Quick Resolution) के निर्देश दिए। उन्होंने खासतौर पर आरटीपीएस सेवाओं (RTPS Services) में सुधार पर जोर देते हुए कहा कि देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि “जनता को समय पर सेवा देना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसमें किसी भी तरह की ढिलाई पर कार्रवाई तय है।”
पंचायत स्तर पर कार्य संस्कृति सुधारने पर जोर
डीएम ने बीडीओ, सीओ और बीपीआरओ को निर्देश दिया कि पंचायत कार्यालयों में कर्मियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करें। साथ ही राजस्व कर्मियों और पंचायत सचिवों के कार्यों की भी समीक्षा की गई।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि लचर प्रदर्शन करने वाले कर्मियों पर सख्त कार्रवाई होगी और प्रशासन को अधिक जवाबदेह और पारदर्शी बनाना जरूरी है।
बिजली, सड़क और पेंशन से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा
कार्यक्रम में गैस आपूर्ति, सड़क निर्माण, बिजली बिल सुधार, लेबर कार्ड, वृद्धा पेंशन, नलकूप समस्या और लो वोल्टेज जैसी समस्याएं भी सामने आईं, जिनके समाधान के लिए आवश्यक निर्देश दिए गए।
डीएम ने कहा कि प्रखंड और पंचायत स्तर पर कार्य संस्कृति में सुधार लाकर ही शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और विकास के क्षेत्रों में अपेक्षित प्रगति संभव है।

