ज़मीन माफियाओं पर सुप्रीम कोर्ट का कड़ा वार, फर्जी रजिस्ट्री अब फौजदारी अपराध

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सीतामढ़ी: जमीन घोटालों और फर्जी रजिस्ट्री के मामलों पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा संदेश दिया है। अब धोखाधड़ी से कराई गई जमीन की रजिस्ट्री को केवल सिविल विवाद नहीं, बल्कि सीधा फौजदारी अपराध (Criminal Offence) माना जाएगा। यानी ऐसे मामलों में आरोपियों पर अब आपराधिक मुकदमा चल सकता है और जेल तक की कार्रवाई संभव है।


सीतामढ़ी में मचा हड़कंप
इस फैसले के बाद जिले के नानपुर प्रखंड के रायपुर गांव में हलचल तेज हो गई है। स्थानीय स्तर पर लंबे समय से जमीन माफिया (Land Mafia) द्वारा गरीबों और धार्मिक जमीनों पर कब्जा करने के आरोप लगते रहे हैं।


ग्रामीणों का कहना है कि माफिया फर्जी तरीके से रजिस्ट्री (Fake Registry) कराकर खुद को कानूनी रूप से सुरक्षित दिखाने की कोशिश करते हैं। इतना ही नहीं, कई मामलों में पहले से ही कोर्ट में केस डालकर पूरे मामले को उलझाने की रणनीति अपनाई जाती है।


सफेदपोशों की भूमिका पर सवाल
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि इस पूरे खेल में कुछ सफेदपोश और पंचायत प्रतिनिधि भी पर्दे के पीछे से सक्रिय हैं। गरीबों को डराना-धमकाना, उनकी जमीन हड़पना और वर्षों तक कब्जा बनाए रखना—यह सब एक सुनियोजित तरीके से किया जा रहा है।
सबसे गंभीर बात यह है कि केवल निजी जमीन ही नहीं, बल्कि धार्मिक स्थलों की जमीन भी माफियाओं के कब्जे में होने की बात सामने आ रही है।


अब प्रशासन की परीक्षा
सुप्रीम कोर्ट के इस सख्त रुख के बाद अब नजरें स्थानीय प्रशासन और पुलिस पर टिकी हैं। सवाल यह है कि क्या सीतामढ़ी प्रशासन इस मामले में तेजी और निष्पक्षता से कार्रवाई करेगा, या फिर मामला जांच के नाम पर ठंडे बस्ते में चला जाएगा।


फिलहाल, इस फैसले के बाद जमीन माफियाओं पर कानूनी शिकंजा कसने की उम्मीद जरूर बढ़ गई है।

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