पश्चिम बंगाल में SIR 2026 को लेकर चुनाव आयोग सख्त, प्रशासन को दिए कड़े निर्देश
कोलकाता।
भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने पश्चिम बंगाल में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) 2026 प्रक्रिया को लेकर राज्य सरकार, पुलिस और प्रशासन के लिए सख्त दिशानिर्देश जारी किए हैं। यह निर्देश सुप्रीम कोर्ट द्वारा 19 जनवरी 2026 को पारित आदेशों के अनुपालन में जारी किए गए हैं।
आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतदाता सूची के संशोधन, दस्तावेज सत्यापन और आपत्तियों की सुनवाई के दौरान कानून-व्यवस्था से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। सभी संबंधित केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती अनिवार्य की गई है। किसी भी लापरवाही या अप्रिय घटना की स्थिति में संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
मतदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आयोग ने निर्देश दिया है कि एसआईआर से जुड़ी सुनवाई और दस्तावेज जमा करने की प्रक्रिया पंचायत भवन, ब्लॉक कार्यालय, वार्ड कार्यालय और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर आयोजित की जाएगी। इसके साथ ही माध्यमिक (कक्षा 10) परीक्षा का एडमिट कार्ड और उत्तीर्ण प्रमाण पत्र को भी वैध पहचान दस्तावेज के रूप में स्वीकार किया गया है।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, आयु या नाम संबंधी विसंगतियों तथा अवर्गीकृत श्रेणी में रखे गए मतदाताओं की सूची 24 जनवरी 2026 तक सार्वजनिक की जाएगी। इन श्रेणियों में शामिल लगभग 1.25 करोड़ मतदाताओं को दस्तावेज जमा करने या आपत्ति दर्ज कराने के लिए 10 दिन का अतिरिक्त समय दिया गया है।
चुनाव आयोग ने दोहराया है कि एसआईआर प्रक्रिया में पारदर्शिता, निष्पक्षता और आम नागरिकों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।
