अब SIM के बिना नहीं चलेंगे WhatsApp-Telegram! केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, इंटरनेट ऐप्स पर नई पाबंदी लागू…
New Delhi: भारत सरकार ने मैसेजिंग ऐप्स को लेकर ऐसा आदेश जारी किया है, जो करोड़ों यूजर्स की डिजिटल दिनचर्या पूरी तरह बदल सकता है। Telecommunication Cybersecurity Amendment Rules, 2025 के तहत अब WhatsApp, Telegram, Signal, Snapchat, ShareChat, JioChat, Arattai और Josh जैसे ऐप बिना सक्रिय SIM कार्ड के काम नहीं करेंगे। यह पहली बार है जब ऐप-आधारित मैसेजिंग सेवाओं को टेलीकॉम जैसी कठोर नियमावली में लाया गया है। नया नियम ठीक उसी तरह काम करेगा, जैसे बैंकिंग और UPI ऐप्स में SIM निष्क्रिय होने पर लॉगइन की अनुमति नहीं मिलती।

क्या है नया नियम?
सरकार ने इन सभी ऐप्स को Telecommunication Identifier User Entities (TIUEs) की श्रेणी में रखा है। इसके तहत:
ऐप्स को यह सुनिश्चित करना होगा कि यूजर का SIM कार्ड हमेशा ऐप से जुड़ा और सक्रिय रहे।
प्लेटफॉर्म्स को 90 दिनों के भीतर यह व्यवस्था लागू करनी होगी।
WhatsApp Web और अन्य वेब वर्ज़न यूजर्स हर 6 घंटे में ऑटो-लॉगआउट हो जाएंगे।
दोबारा लॉगइन के लिए QR कोड स्कैन करना अनिवार्य होगा।
सरकार का कहना है कि इससे अपराधियों के लिए नकली अकाउंट चलाना मुश्किल होगा, क्योंकि हर बार सक्रिय और सत्यापित SIM आवश्यक होगा।
आपको बता दें कि सरकार ने यह कदम क्यों उठाया है?
DoT के अनुसार, अभी तक ज्यादातर मैसेजिंग ऐप सिर्फ पहली बार इंस्टॉल करते समय मोबाइल नंबर वेरिफाई करते हैं। बाद में SIM कार्ड हटाने पर भी ऐप चलता रहता है।
COAI ने चेतावनी दी थी कि यह एक बड़ी सुरक्षा खामी है, जिसका फायदा उठाकर साइबर अपराधी:
SIM बंद करने के बाद भी ऐप चलाते रहते हैं,
उनकी लोकेशन या कॉल डेटा ट्रेस नहीं हो पाता।
इसपे विशेषज्ञ क्या कहते हैं?
कुछ साइबर एक्सपर्ट इसे फ्रॉड और स्पैम कम करने में मददगार बता रहे हैं।
जबकि कई विशेषज्ञों का मानना है कि अपराधी फर्जी दस्तावेजों पर नए SIM आसानी से ले लेते हैं, इसलिए प्रभाव सीमित हो सकता है।
टेलीकॉम उद्योग का दावा है कि भारत में मोबाइल नंबर ही सबसे मजबूत डिजिटल पहचान है और यह नियम साइबर सुरक्षा में सुधार करेगा।
